सीताराम, सीताराम, सीताराम।
यह नाम बनाया प्रथम पूज्य गणपति को पलभर में
और मिला यही अवलम्बन तो शबरी को जंगल में
लाखों का बेड़ा पार किया पहुँचाया हरि के धाम।
सीताराम, सीताराम, सीताराम।
ब्रह्मा के चारों वेदों से यह नाम निकलता है
शिवजी के मानस मन्दिर में दीपक सा जलता है।
नारद जी की वीणा से भी यह निकला पावन नाम।
सीताराम, सीताराम, सीताराम।