श्री रामायण मन्दिरमाधवबाड़ी, बरेली · विकासनगर, देहरादून

आरती

देवी-देवताओं, कार्तिक मास एवं गुरु-परम्परा की समस्त आरतियाँ। सूची में से किसी भी आरती के नाम पर क्लिक करें।

देवी-देवताओं, कार्तिक मास एवं गुरु-परम्परा की समस्त आरतियाँ। सूची में से किसी भी आरती के नाम पर क्लिक करें।

पूजन के अन्त में इष्टदेव की प्रसन्नता हेतु आरती की जाती है। पाँच महामन्त्र हैं — ॐ नमो भगवते वासुदेवाय, गायत्री मन्त्र, हरे राम-हरे कृष्ण महामन्त्र, महामृत्युंजय मन्त्र, तथा ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे।

राम जी की आरती

आरती — बाबा जी की

करां मैं आरती सत गुरू दी

आरती श्री गणेश जी

आरती श्री शिवजी

आरती श्री जगदम्बे जी

आरती श्री कृष्ण जी (कुंज बिहारी की)

आरती श्री हनुमान जी

आरती बालकृष्ण की कीजै

आरती श्री जगदीश जी

सर्व देव आरती (20 छन्द)

आरती श्री रामायण जी की

भागवत भगवान की आरती

रैन गुजरी प्रभात होईया वे राम जी, चानड़ी वे फिर गई।

धन्य-धन्य सो जेहड़ा हरि दा गुण गावे, ते ठाकुर तुलसी दा दर्शन पावे।।

मेरी नमो नमः तुलसी महामाया मेरी नमो नमः।

सारे ब्रज दे पालन हार भये; घर आवे तौं मोहन मेरा लाल।

प्रातः काल उठ आलस त्यागूं, राम नाम गुण मुख से मैं गाऊँ।

तेरे दर्शन तो मैं वारी गई, श्री राम चन्द्र जागो मैं सारी वारी गई।।

भजनमन राम चरन दिन राती वे भजमन

आरती श्री रामचन्द्र जी की

गोविन्द मेरी यह प्रार्थना है