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पूजन के अन्त में इष्टदेव की प्रसन्नता हेतु आरती की जाती है। पाँच महामन्त्र हैं — ॐ नमो भगवते वासुदेवाय, गायत्री मन्त्र, हरे राम-हरे कृष्ण महामन्त्र, महामृत्युंजय मन्त्र, तथा ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे।