सतगुरू दीन दयाल तों, वारी जा बलिहारी जा।
संगतां दे रखवाले तों, वारी जा बलिहारी जा।
1. सतगुरु मेरा सब तो सौंणा, तेरे जिया कोई होरे न होणा-2; इस दे रूप निराले तों, वारी जा बलिहारी जा।
2. सुन्दर रूप गुरां दा प्यारा, रोम-रोम मारे लिश्कारां, नूरी मुखड़े वाले तों, वारी जा बलिहारी जा।
3. नाम जहाज गुरां ने बनाया, गुरां द्वारे असी डेरा लाया-2; नाम जपावण वाले तों, वारी जा बलिहारी जा।
4. अंत समय गुरू होण सहाई, छड जांदे सब बहन ते भाई; राह दिखावण वाले तों, वारी जा बलिहारी जा।