मेरा छोटा सा संसार हरि आ जाओ एक बार
मेरी नैया पार लगा जाओ मेरी बिगड़ी आके बना जाओ
1. लाखों को दर्श दिखाया है, प्रभु मुझको क्यों तरसाया है
यह कैसी तुम्हारी माया है, नित बहती असुअन धार, हरि आ जाओ एक बार
2. जब याद तुम्हारी आती है, तन मन की सुध बिसराती है
रह-रह के मुझे तड़पाती है, तन मन धन दूँ सब वार, हरि आ जाओ एक बार
3. मुझको बिछड़े युग बीत गये, क्यों रूठ प्रभु मेरे मीत गये
मैं हार गया तुम जीत गये, अब दर्शन दो हक बार, हरि आ जाओ एक बार