रामा रामा रामा मेरे प्यारे रामा।
मुख से बोलो मन से बोलो प्यार से बोलो रामा।।
01– बिगड़े काम सँवारे सबकी नैया पार लगाये; राम सहारे वाला बन्दा सभी मुरादें पाये।
स्वाँस–स्वाँस में एक ही नामा जय रामा जय रामा। रामा–रामा–रामा
02– सबसे ऊँचा राम रमैया कोई पार न पाये–; भक्ति भाव से शरणी आजा, भव सागर तर जाये।
पूर्ण ब्रह्म श्री राम ही रामा, जय रामा जय रामा। रामा–रामा–रामा
03– मारुति नन्द जय बजरंगी जिनके चरण पखारे, सीता मैया लखन लाल जिन पर जायें बलिहारे।।
वही कृपालु भज मन रामा, जय रामा जय रामा। रामा–रामा–रामा
04– चरण छुआ पत्थर से प्रकटी अबला अहिल्या भाई; दुष्टों का संहार किया, भक्तों की लाज बचाई
भक्तों के वत्सल हैं रामा, जय रामा – जय रामा; रामा–रामा–रामा