आसरा इस जहाँ का मिले न मिले,
मुझको तेरा सहारा सदा चाहिए।
चाँद तारे फलक पर दिखे न दिखे, मुझको तेरा नजारा सदा चाहिए।
1. यहाँ खुशियाँ हैं कम और ज्यादा हैं गम, जहाँ देखो वहीं है हरम ही हरम।
मेरी महफिल में शमां जले न जले, मेरे दिल में उजाला तेरा चाहिए।
2. कभी वैराग है कभी अनुराग है, जहाँ बदलते हैं माली वही बाग है।
मेरी चाहत की दुनिया बसे न बसे, मेरे दिल में बसेरा तेरा चाहिए।
3. मेरी धीमी है चाल और पथ है विशाल, हर कदम पर मुसीबत है, अब तो सम्भाल।
पैर मेरे थके यह चले न चले, मुझको तेरा सहारा चाहिए।
आसरा इस जहाँ का मिले न मिले,