श्री रामायण मन्दिरShri Ramayan Mandir — Bareilly | Vikasnagar

प्रभु बंधे हुये खिंचे हुए चले आयेंगे

भजन
प्रभु बंधे हुये खिंचे हुए चले आयेंगे, जरा तारों से तारें मिलाकर तो देख। जिसने गाया मिला उसको मुक्ति का धाम, तरे पत्थर लिखा जिनमें रघुवर का नाम। तेरी नैया किनारे पे लग जायेगी, नाम हृदय में उसका लिखाकर तो देख। पाया धन्ने ने पत्थर को प्रभु मानकर, पाया मीरा ने विष का अमर पान कर। पाया केवट ने धो-धोकर चरण धूल को, उन्हीं चरणों में मस्तक झुकाकर तो देख। वो है ठाकुर पुजारी तू बनकर तो देख, वो है दाता भिखारी तू बनकर तो देख। उसके दर से गया कोई खाली नहीं, उसके आगे तू झोली फैलाकर तो देख। पाया शबरी ने बन्धन सभी काटकर, गौतम नारी ने चरणों की रज चाटकर। पाया कुब्जा ने चन्दन लगाकर उसे, चाहे जिस भाव से लौ लगाकर तो देख। मन के मन्दिर में पगले बिठा ले उसे, जीवन नैया का केवट बना ले उसे। फिर क्या डर है जो पतवार भी दूर हो, अपनी रग रग में उसको बसाकर तो देख। प्रभु बंधे हुये खिंचे हुए चले आयेंगे।
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