श्री रामायण मन्दिरShri Ramayan Mandir — Bareilly | Vikasnagar

हनुमान जी का श्री राम से मिलन — चूड़ामणि अर्पण

सुन्दरकाण्ड — श्रीरामचरितमानस, पंचम सोपान (11 / 13)

लंका से लौटते समय हनुमान जी मार्ग में मधुवन में रुकते हैं, जहाँ सुग्रीव के मधुर फल रखे हुए थे। हर्षोल्लास में वानर वहाँ के फल खाने लगते हैं, जिससे रखवालों में हड़कंप मच जाता है। सुग्रीव यह समाचार सुनकर प्रसन्न हो उठते हैं — क्योंकि यह उपद्रव इस बात का प्रमाण था कि कार्य सफल हुआ है।

हनुमान जी श्रीराम के पास पहुँचकर उन्हें सीता जी का समाचार और चूड़ामणि अर्पित करते हैं। सीता जी का संदेश सुनकर श्रीराम अत्यन्त भावुक हो उठते हैं और हनुमान जी को हृदय से लगा लेते हैं। वे हनुमान जी की सेवा, बुद्धि और पराक्रम की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हैं। इसके पश्चात श्रीराम सम्पूर्ण वानर-सेना सहित समुद्र-तट की ओर प्रस्थान करते हैं।

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