श्री रामायण मन्दिरShri Ramayan Mandir — Bareilly | Vikasnagar

श्री गणेश एवं सूर्य स्तुति (पद 1-2)

विनयपत्रिका — गोस्वामी तुलसीदास (1 / 13)

विनय पत्रिका का शुभारम्भ पारम्परिक मंगलाचरण की भाँति श्री गणेश जी की वन्दना से होता है, जिसमें विघ्नहर्ता गणेश जी से ग्रन्थ-रचना निर्विघ्न पूर्ण होने की प्रार्थना की गयी है।

इसके पश्चात सूर्यदेव की स्तुति है, जिसमें जगत के प्रकाशक एवं जीवनदाता सूर्य को नमन किया गया है — यह भी शास्त्रीय परम्परा के अनुरूप है, जिसमें किसी भी बड़े स्तवन-ग्रन्थ के आरम्भ में देवताओं का यथाक्रम आवाहन किया जाता है।

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