यह दुनिया मुसाफिर खाना, मत धोखे में आ जाना।
हरि नाम सुधा रस पीना, औरों के लिए भी जीना।
दुखिया का दिल न दुखाना, मत धोखे में आ जाना।
स्वांसा जब बाहर जावे, भीतर आवे न आवे। है किसका कौन ठिकाना, मत धोके में आ जाना।
पढ़ना रामायण गीता, भजना श्री रघुवर सीता। प्रभु प्रेम में अश्रु बहाना, मत धोखे में आ जाना।
कोई ऐसा काम न करना, जिससे हो मन में डरना। राजेश्वर राम रिझाना, मत धोखे में आ जाना।