आये तेरे द्वार नमस्कार-नमस्कार
सब जग के आधार नमस्कार-नमस्कार
मंगलयी माँ हम आये तेरे द्वार
1. सूरज और चाँद में तेरा ही उजाला है; तूने पहन रखी सितारों की माला है
सब जग के आधार नमस्कार-नमस्कार
2. पर्वतों की चोटियों को बादल हैं चूमते; पृथ्वी, सूर्य, चाँद-सितारे गा रहे हैं घूमते
नियम के अनुसार नमस्कार-नमस्कार
3. कोयल की यह कूह-कूह सबे मन को भा रही; शीतल मन्द पवन तेरा गीत मधुर गा रही
जपत रही सो बार नमस्कार-नमस्कार
4. मानुष तन को देखो कितना सुन्दर बनाया है; मन बुद्धि और इन्द्रियों को इसने सजाया है
अष्टचक्र नौ द्वार नमस्कार-नमस्कार