श्री रामायण मन्दिरShri Ramayan Mandir — Bareilly | Vikasnagar

अशोक वाटिका में सीता जी की खोज

सुन्दरकाण्ड — श्रीरामचरितमानस, पंचम सोपान (4 / 13)

लघु रूप धारण कर हनुमान जी रात्रि में लंका के भवन-भवन में सीता जी को खोजते हैं। वे रावण के राजमहल तक पहुँचते हैं, सोई हुई मंदोदरी आदि रानियों को देखते हैं, किन्तु कहीं भी जानकी जी के दर्शन नहीं होते। खोजते-खोजते जब वे निराश होने लगते हैं, तभी नगर के एक भाग में एक विशाल अशोक वाटिका दिखायी देती है, जिसमें भगवद्भक्ति से युक्त पवित्रता का भाव है।

वहाँ एक अशोक वृक्ष के नीचे शोकाकुल, दुबली, मलिन वस्त्रों में, अपने ही तेज से दीप्तिमान एक साध्वी को हनुमान जी देखते हैं, जो निरन्तर श्रीराम-नाम का जप कर रही हैं। हनुमान जी पहचान जाते हैं — यही सीता माता हैं। वे एक वृक्ष की डाल में छिपकर उनकी रक्षा और आगे की युक्ति के विषय में विचार करने लगते हैं।

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