श्री रामायण मन्दिरShri Ramayan Mandir — Bareilly | Vikasnagar

अशोक वाटिका विध्वंस एवं अक्षयकुमार वध

सुन्दरकाण्ड — श्रीरामचरितमानस, पंचम सोपान (8 / 13)

सीता जी से विदा लेने के बाद हनुमान जी को भूख लगती है। वे सोचते हैं कि लंका की कुछ और परीक्षा भी ले ली जाए। वे अशोक वाटिका के मधुर फल खाने लगते हैं और उपवन के वृक्षों को उखाड़ने लगते हैं। वाटिका की रखवाली करने वाले अनेक राक्षस योद्धा उन्हें रोकने आते हैं, जिन्हें हनुमान जी परास्त कर देते हैं।

क्रोधित रावण अपने पुत्र अक्षयकुमार को भेजता है, जिसे हनुमान जी युद्ध में मार गिराते हैं। इसके पश्चात रावण का सबसे बड़ा पुत्र मेघनाद युद्ध हेतु आता है। जब सामान्य अस्त्र-शस्त्र हनुमान जी को रोक नहीं पाते, तब मेघनाद ब्रह्मास्त्र का प्रयोग करता है। हनुमान जी ब्रह्मा जी के इस अस्त्र का सम्मान रखते हुए स्वेच्छा से बँध जाते हैं — क्योंकि उनका उद्देश्य अब रावण की सभा तक पहुँचकर अपना संदेश देना भी था।

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