श्री रामायण मन्दिरShri Ramayan Mandir — Bareilly | Vikasnagar

श्रीराम स्तुति — प्रथम भाग (पद 43-49)

विनयपत्रिका — गोस्वामी तुलसीदास (8 / 13)

इस भाग में सीधे श्रीराम की स्तुति आरम्भ होती है, जिसमें उनके नाम, रूप एवं गुणों का वर्णन है।

इसी खण्ड में श्रीराम-नाम-वन्दना, श्रीराम-आरती एवं हरिशंकरी पद (जिसमें हरि और शंकर दोनों की एक साथ वन्दना है) सम्मिलित हैं — यह दर्शाता है कि तुलसीदास जी के लिये विष्णु और शिव में कोई भेद नहीं था।

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