श्री रामायण मन्दिरमाधवबाड़ी, बरेली · विकासनगर, देहरादून
गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज मानस-रचना करते हुए
जय श्री राम

श्री रामायण मन्दिर — माधवबाड़ी, बरेली | विकासनगर, देहरादून

गोस्वामी तुलसीदास जी की गुरु-शिष्य परम्परा, श्री रामायण मन्दिर के इतिहास तथा भक्ति-ग्रन्थों का डिजिटल संग्रह।

आज का दोहा

बंदउँ गुरु पद पदुम परागा। सुरुचि सुबास सरस अनुरागा।।

परम्परा

गुरु परम्परा

गोस्वामी तुलसीदास जी से वर्तमान गद्दी तक — 34 पीठाधीश्वरों की अखण्ड गुरु-शिष्य परम्परा। यह अखण्ड परम्परा इस संस्था की आधारशिला है, जिसका विवरण नमन ग्रन्थ पर आधारित है।

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इतिहास

मन्दिर का इतिहास

अखण्ड भारत के गढ़ी कपूरा से बरेली तक — विभाजन, गुरु-गद्दी की स्थापना एवं 27 मई 1964 को मन्दिर की नींव की कथा।

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मन्दिर दर्शन एवं जानकारी

दो केन्द्र, एक परम्परा

माधवबाड़ी, बरेली

मुख्य केन्द्र · स्थापना 27 मई 1964

माधवबाड़ी, बरेली, उत्तर प्रदेश

विकासनगर, देहरादून

द्वितीय शाखा

पंजाबी कालोनी, विकासनगर, देहरादून, उत्तराखण्ड

संपर्क

श्री रामायण मन्दिर, माधवबाड़ी, बरेली

माधवबाड़ी, बरेली, उत्तर प्रदेश

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श्री रामायण मन्दिर, विकासनगर, देहरादून

पंजाबी कालोनी, विकासनगर, देहरादून, उत्तराखण्ड

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वार्षिक उत्सव — 15-दिवसीय तुलसी जयन्ती महोत्सव · उत्सव कैलेंडर

सम्पर्क विवरण शीघ्र जोड़ा जाएगा।

सेवा एवं दान

श्रद्धालु मन्दिर की सेवा में सहयोग कर सकते हैं।

सेवा सम्बन्धी जानकारी के लिए मन्दिर से प्रत्यक्ष सम्पर्क करें।

मन्दिर परिचय · मन्दिर का इतिहास

आगामी पर्व एवं उत्सव

भारतीय पंचांग अनुसार

* तुलसी जयन्ती महोत्सव की सटीक प्रारम्भ/समापन तिथियाँ मन्दिर द्वारा पुष्टि होने पर जोड़ी जायेंगी।

एक घड़ी, आधी घड़ी, आधी में पुनि आध।
तुलसी संगत साधु की, कटे कोटि अपराध।। — गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज

स्थापना — 27 मई 196434 पीठाधीश्वर गुरु परम्परावार्षिक तुलसी जयन्ती महोत्सव