गुरु-महिमा में पारम्परिक भजन, स्तोत्र एवं संत-वाणी — मीरा, कबीर, रैदास, शंकराचार्य एवं पंजाबी गुरु-वाणी (देवनागरी लिप्यंतरण)। सूची में से किसी भी रचना पर क्लिक करें।
गुर्वष्टकम्
तोटकाष्टकम्
गुरु स्तोत्र — गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः
श्री गुरु पादुका स्तोत्रम्
मीराबाई : गुरु-भजन
कबीर : गुरु-आरती — ऐसी आरति त्रिभुवन तारै
कबीर : गुरु-महिमा (दोहे एवं साखियाँ)
संत रैदास : गुरु-वाणी
आदि गुरए नमह — गुरु-वन्दना
गुरदेव माता गुरदेव पिता
बलिहारी गुर आपणे
गिआन अंजनु गुरि दीआ
सतगुर बोहिथु
साजन सतगुर पुरखु
निमाणिआं गुर मानु
नामु मिलै मनु त्रिपतीऐ
हउ सतगुर सेवी आपणा
जिउ मंदर कउ थामै थंमनु
गुरु पउड़ी बेड़ी गुरू
सतिगुरु सिख की करै प्रतिपाल
गुर सतिगुर का जो सिखु
आनंद साहिब — गुरु-महिमा (पउड़ी 21–25)
पंजाबी रचनाएँ मूल गुरुमुखी से देवनागरी में लिप्यंतरित।