श्री रामायण मन्दिर, माधवबाड़ी (बरेली) परम्परा का मुख्य केन्द्र है — गोस्वामी तुलसीदास जी के विचारों के प्रचार-प्रसार हेतु 27 मई 1964 को गोस्वामी रामेश्वर दास जी द्वारा स्थापित। एक छोटी झोपड़ी से आरम्भ होकर यह आज एक भव्य सत्संग-स्थल के रूप में विकसित हो चुका है।
* वास्तविक आरती एवं दर्शन समय मन्दिर प्रबन्धन से पुष्टि होने पर यहाँ जोड़ा जायेगा।
गर्भ गृह में क्रमशः श्री रामचरितमानस, जगतारिणी माँ दुर्गा, भवभीतिहर भगवान शंकर-पार्वती, प्रथम पूज्य गणेश, वृषभ (नन्दी), श्री राघवेन्द्र सरकार (राम दरबार), गोस्वामी तुलसीदास जी, हनुमान जी एवं श्री राधाकृष्ण के विग्रह स्थापित हैं।
* उपर्युक्त विवरण नमन ग्रन्थ पर आधारित है।
प्रतिवर्ष 15-दिवसीय तुलसी जयन्ती महोत्सव इसी मन्दिर में आयोजित होता है, जिसमें प्रवचन, भजन एवं सत्संग के माध्यम से श्रद्धालुओं को असीम शान्ति प्राप्त होती है — यही इस मन्दिर की विशेषता बन चुकी है।
माधवबाड़ी, बरेली, उत्तर प्रदेश।
इस मन्दिर की गुरु-गद्दी का इतिहास अखण्ड भारत तक जाता है। सम्पूर्ण इतिहास यहाँ पढ़ें →