श्री रामायण मन्दिरमाधवबाड़ी, बरेली · विकासनगर, देहरादून

श्री स्वामी रामतीर्थ ग्रन्थावली

स्वामी रामतीर्थ जी महाराज के सदुपदेश · सम्पूर्ण संकलन

स्वामी रामतीर्थ जी महाराज (जन्म-नाम गोस्वामी तीर्थराम) के सदुपदेशों का सम्पूर्ण संकलन — मूल 25 भागों में, कुल 178 अध्याय। यह संकलन मूल 28-भाग संस्करण पर आधारित है। किसी भी भाग में प्रवेश कर अध्याय-वार पढ़ें।

भाग 1

आनन्द।

आत्म-विकास। · उपासना । · वार्तालाप।

4 अध्यायपढ़ें →
भाग 2

॥ ॐ ॥ — संक्षिप्त जीवन-चरित ।

सान्त में अनन्त। · आत्मसूर्य और माया। · ईश्वर-भक्ति।

7 अध्यायपढ़ें →
भाग 3

राम परिचय ।

वास्तविक आत्मा। · धर्म-तत्व। · ब्रह्मचर्य।

11 अध्यायपढ़ें →
भाग 4

पाप ; आत्मा से उसका सम्बन्ध।

पाप के पूर्वलक्षण और निदान । · नक़द धर्म। · जांनिसारी—प्राणसमर्पण।

8 अध्यायपढ़ें →
भाग 5

रामपरिचय । *

अवतरण। · सफलता की कुंजी। · सफलता का रहस्य।

5 अध्यायपढ़ें →
भाग 6

प्रेरणा का स्वरूप ।

सब इच्छाओं की पूर्ति का मार्ग। · कर्म। · पुरुषार्थ और प्रारब्ध।

5 अध्यायपढ़ें →
भाग 7-9

मंगलाचरण

गुरु-स्तुति · उपदेश · वैराग्य

14 अध्यायपढ़ें →
भाग 10

भाग 10

सुधार। · उन्नति का मार्ग। · राम ढँढोरा

5 अध्यायपढ़ें →
भाग 11

स्वामी राम की जीवनी ।

विजयिनी आध्यात्मिक शक्ति। · लोगों को वेदान्त क्यों नहीं भाना? · आंतरिक शुद्धि।

6 अध्यायपढ़ें →
भाग 12

सुलह कि जंग ? गंगा-तरंग ।

1 अध्यायपढ़ें →
भाग 13

भाग 13

सुलह कि जंग ? गंगा-तरंग · आनंद ।* · राम परिचय ।

4 अध्यायपढ़ें →
भाग 14

भारत का भविष्य ।

जीवित कौन है ? · अद्वैत। · राम

4 अध्यायपढ़ें →
भाग 15

नित्य-जीवन का विधान ( नियम )

निश्चलचित्त । · दुःख में ईश्वर। · ( साधारण ) बातचीत ।

5 अध्यायपढ़ें →
भाग 16

ग़ैर मुल्कों के तजरुबे।

आप अपने घर आनन्दमय कैसे बना सकते हैं। · गृहस्थाश्रम और आत्मानुभव। · श्री — मांस खाने की वेदान्तिक कल्पना।

5 अध्यायपढ़ें →
भाग 17-18

प्रस्तावना

राम पत्र । · # सन् 1886 ईस्वी · सन् 1888 ईस्वी।

15 अध्यायपढ़ें →
भाग 19

भाग 19

सत्य का मार्ग। · धर्म का अन्तिम लक्ष्य। · परमार्थ निष्ठा और मानासिक शक्तियां

7 अध्यायपढ़ें →
भाग 20

स्वर्ग का साम्राज्य।

पवित्र अक्षर ॐ। · मेरी इच्छा पूर्ण हो रही है · प्रणव-प्रभाव व आत्म-साक्षात्कार।

9 अध्यायपढ़ें →
भाग 21

परमहंस स्वामी रामतीर्थजी।

स्वामी रामतीर्थ [23] · मुखम्मस — राम।

3 अध्यायपढ़ें →
भाग 22

मनुष्य का भ्रातृत्व।

धर्म। · छिद्रान्वेषण और विश्वव्यापी प्रेम। · राम-चरित्र नं0 1

5 अध्यायपढ़ें →
भाग 23

राम-चरित्र नं0 2

प्रार्थना। · यज्ञ का भावार्थ। · एकता।

8 अध्यायपढ़ें →
भाग 24

संख्या ( 1 ) — सभ्यता।

संख्या (2) — स्वत्व वा अधिकार। · (संख्या 3) — सुधारक। · (संख्या 4) — कहानियां

17 अध्यायपढ़ें →
भाग 25

दृष्टि-सृष्टिवाद ( वा कल्पनावाद ) — और — वस्तु-स्वातंत्र्यवाद का समन्वय ।

वस्तु-स्वातंत्र्यवाद और कल्पनावाद वा दृष्टि-सृष्टि वाद। · वेदान्त पर कुछ प्रश्नों के उत्तर। · दुनिया का कब और क्यों।

7 अध्यायपढ़ें →
भाग 26

मृत्यु के बाद

कथा-प्रश्नों के उत्तर। · पुनर्जन्म और पारिवारिक बन्धन। · मैं प्रकाश स्वरूप हूं।

10 अध्यायपढ़ें →
भाग 27

पाप की समस्या।

भारतवर्ष के सम्बन्ध में तथ्य और आंकड़े । · पत्र मंजूषा. · श्री। — कविता।

4 अध्यायपढ़ें →
भाग 28

(1) भारत—वर्ष ।

(2) धर्म और सदाचार । · (3) दर्शन शास्त्र। · (4) प्रेम और भक्ति।

9 अध्यायपढ़ें →