श्री रामायण मन्दिरमाधवबाड़ी, बरेली · विकासनगर, देहरादून
आरती

आरती श्री जगदीश जी

ओ3म् जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।

भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे।।

ओ3म् जय जगदीश हरे......

1. जो ध्यावे फल पावे, दुःख विनसे मन का।

सुख संपत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन का।।

ओ3म् जय जगदीश हरे......

2. मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी।

तुम बिन और न दूजा, आस करूं जिसकी।।

ओ3म् जय जगदीश हरे......

3. तुम पूरण परगात्मा, तुम अंतर्यामी।

पारब्रह्म परमेश्वर, तुग सबके स्वामी।।

ओ3म् जय जगदीश हरे......

4. तुम करुणा के सागर, तुम पालन कर्ता।

मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता।।

ओ3म् जय जगदीश हरे......

5. तुम हो एक अगोचर, सबके प्रानपति।

किस विधि मिलूं दयामय, तुमको मैं कुमति।।

ओ3म् जय जगदीश हरे......

6. दीन बंधु दुखहर्ता, तुम रक्षक मेरे।

करुणा हस्त बढ़ाओ, द्वार पड़ा तेरे।।

ओ3म् जय जगदीश हरे......

7. विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।

श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा।।

ओ3म् जय जगदीश हरे......

8. तन मन धन और सम्पति, सब कुछ है तेरा।

तेरा तुझको अर्पण, क्या लागे मेरा।।

ओ3म् जय जगदीश हरे......