श्री रामायण मन्दिरमाधवबाड़ी, बरेली · विकासनगर, देहरादून

श्री भगवान दास जी

गुरु परम्परा
क्रम: 22 / 34

जीवन परिचय

भगवान दास स्वामी रामतीर्थ के निकट परिवारजन थे। तीर्थ राम के छात्र जीवन में आर्थिक कठिनाई इतनी गहरी थी कि परीक्षा की फीस जुटाना भी कभी-कभी समस्या बन जाता था। ऐसे ही एक कठिन समय में भगवान दास ने उनकी सहायता की।

यह घटना देखने में छोटी है, लेकिन एक गरीब और प्रतिभाशाली विद्यार्थी के जीवन में सही समय पर मिली सहायता बहुत निर्णायक हो सकती है। भगवान दास ने केवल धन नहीं दिया; उन्होंने तीर्थ राम की शिक्षा और भविष्य पर विश्वास प्रकट किया।

उनका स्मरण किसी बड़े पद या प्रसिद्ध ग्रंथ के कारण नहीं, बल्कि उस सहृदयता के कारण जीवित है जिसने कठिन समय में एक युवक का हाथ थामा। उनकी कथा बताती है कि महान जीवनों की यात्रा के पीछे अक्सर ऐसे शांत सहायक होते हैं जिनकी करुणा आगे चलकर दूर तक प्रकाश देती है।