जीवन परिचय
दशबन्दी राम मर्दान के बाबा नन्द लाल के पुत्र थे। उनके दो भाई मेहर दास और मूलराज थे। यह परिवार आगे चलकर गुरु परम्परा की दो ऐसी शाखाओं का आधार बना जिन्होंने विस्थापन के बाद भारत में समुदाय को फिर से संगठित करने में भूमिका निभाई।
दशबन्दी राम के पुत्र गोस्वामी तोताराम ने हरिद्वार में संत जीवन बिताया और बाद में बरेली की गुरु गद्दी संभाली। इस प्रकार दशबन्दी राम की शाखा मर्दान के पुराने पारिवारिक घर को हरिद्वार और फिर बरेली के नए धार्मिक केंद्र से जोड़ती है।
उनकी स्मृति एक शांत पारिवारिक कड़ी के रूप में जीवित है। उनके माध्यम से पुरानी पीढ़ी का संबंध उस गुरु से बनता है जिसे विस्थापित समुदाय ने अपना आध्यात्मिक नेतृत्व सौंपा।