श्री रामायण मन्दिरमाधवबाड़ी, बरेली · विकासनगर, देहरादून

अरण्यकाण्ड

श्रीरामचरितमानस · सम्पूर्ण मूल एवं भावार्थ

अरण्यकाण्ड — २ सुविधाजनक भागों में। प्रत्येक चौपाई, दोहा, सोरठा एवं छन्द के साथ हिन्दी भावार्थ।

भाग १मूलं धर्मतरोर्विवेकजलधेः पूर्णेन्दुमानन्ददं वैराग्याम्बुजभास्करं ह्यघघनध्वान्तापहं तापहम्। …भाग २राम राम कह तनु तजहिं पावहिं …
← सम्पूर्ण श्रीरामचरितमानस (सप्त काण्ड)