श्री रामायण मन्दिरShri Ramayan Mandir — Bareilly | Vikasnagar

रैन गुजरी प्रभात होईया वे राम जी, चानड़ी वे फिर गई।

आरती — कार्तिक प्रभाती
रैन गुजरी प्रभात होईया वे राम जी, चानड़ी वे फिर गई। चानड़ी वे फिर गई श्रीराम चन्द्र, जागो मैं सारी वारी गई।। तू जागे त्रिलोकी पई जागो रामजी, मन दी चिन्ता मिट गई।। मन दी चिन्ता मिट गई श्रीराम चन्द्र, जागो मैं सारी वारी गई।।
← भागवत भगवान की आरतीआरती सूची पर वापस जाएँधन्य-धन्य सो जेहड़ा हरि दा गुण गावे, ते ठाकुर तुलसी दा दर्शन पावे।। →