श्री रामायण मन्दिरShri Ramayan Mandir — Bareilly | Vikasnagar

धन्य-धन्य सो जेहड़ा हरि दा गुण गावे, ते ठाकुर तुलसी दा दर्शन पावे।।

आरती
धन्य-धन्य सो जेहड़ा हरि दा गुण गावे, ते ठाकुर तुलसी दा दर्शन पावे।। 1. गंगा नहावन पाप मिटावन, अधिक फल सोई जन पावे। नाम देवां दा जो मन में ध्यावे, मन वांछित सोई जन फल पावे।। 2. माता तुलसी पिता मेरा ठाकुर, पूजा करां पई मन चित्त लाकर, देवी ते देवा राम जी सब तेरे चाकर, गोविन्द नाम सुने और सुनावा।। 3. जल फल तुलसी ठाकुर जी की सेवा, प्रीत सहित राम तुलसी सेवा, ते सेवा दे फल सोई जन पावे, जो आप जपे और नाम जपावे 4. दासन दास भगवान तेरी मैं आस, नाम दान की जो मन में है प्यास। जब लग जीवां हरि-हर सुमरा मैं स्वांस, गोविन्द नाम सुने और सुनावे
← रैन गुजरी प्रभात होईया वे राम जी, चानड़ी वे फिर गई।आरती सूची पर वापस जाएँमेरी नमो नमः तुलसी महामाया मेरी नमो नमः। →