1. प्रातः काल उठ आलस त्यागूं, राम नाम गुण मुख से मैं गाऊँ।
राम भजन करके नहवायां करां; मन तन घिसा के, चन्दन हरि जी को लागे, राम धूप दीप तन वारा करूँ
2. सोरस पूजां कोई तुम्हारी कमाबां, राम नाम गुण मुख से मैं गाऊँ।
राम जी कृपा करो दर्शन पाया करूँ
3. सेवा पूजा मैं कुछ भी न जांणा, आवां जावां मैं पाप मिटांवा
दर्शन तेरा भगवन आके मैं पावां; राम तुलसी दास हरि गुण गाया करूँ; कृपा करो दर्शन पाया करूँ