तेरे दर्शन तो मैं वारी गई, श्री राम चन्द्र जागो मैं सारी वारी गई।।
खोल दे बछड़ा ते चुगो पई माता, रामजी दोहनी वे भर गई। दोहनी वे भर गई श्री राम चन्द्र; जागो मैं सारी वारी गई।।
हाथ लै गडवा ते धो लै मुखड़ा रामजी; नींद आलस गई। नींद आलस गई श्री राम चन्द्र; जागो मैं सारी वारी गई।।
ग्वाल बाल ते बालक ठाड़े वे राम जी; वन दी हवेल हो गई। वन हवेल हो गई श्री राम चन्द्र; जागो मैं सारी वारी गई।।
मोर मुकुट मत्थे तिलक विराजे राम जी; सुन्दर बन्सी बजाई। सुन्दर बन्सी बजाई श्री राम चन्द्र; जागो मैं सारी वारी गई।।
दस्त कुन्थी वें मोडे काली आ कमली रामजी; वन-वन धेनु चराई। वन-वन गऊंआ चराई, श्री राम चन्द्र; जागो मैं सारी वारी गई।।
काली पीली धोली धुम्बट राम जी जमुना दे तट गई। जमुना दे तट गई श्री राम चन्द्र; जागो मैं सारी वारी गई।।
दुध भी देसां मैं मखखन वी देसां राम जी; नाले मैं देवां मिटठी दही। नाले मैं देवा मिट्ठी दही श्री राम चन्द्र; जागो मैं सारी वारी गई।।
आर मथुरा ते आर गोकुल श्रीराम जी; विचों श्री जमुना दे गई। विचों श्री जमुना दे गई श्री राम चन्द्र