आरती करां श्री रामचन्द्र तेरे चरणां तो बलिहारी जी।
1. दस्त कुन्थी वें मोडे काली कमली, गऊंआ दा चरवाली जी।
2. मात यशोदा दईयां विलोवे, माखन खा गिरधारी जी।
3. मैं चली यमुना जल भरने, मेरे सिर पर गागर भारी जी।
4. गगरी पटक मेरी बईयां मरोड़ी हँस हँस देवां गाली जी।
5. मैं चली यमुना जल भरने, मेरे सिर पर गागर भारी जी।
6. गगरी पटक मेरी बईयां मरोड़ी हँस हँस देवां गाली जी।
7. कंस राजे नूँ मार मुकाया, हया बड़ा हंकारी जी।
8. रावण राजा मार मुकाया, लंका हो गई खाली जी।
9. भक्त सुदामा ते कृपा कीन्हीं, चढ़ गये महल अटारी जी।
10. नरसी भगत पर कृपा कीन्हीं, सांवल हुन्डी तारी जी।
11. भरी सभा मेरी लजिया रखिया, द्रोपदां दुखियारी जी।
12. माता द्रोपदां दी लजिया रखिया मैं अबला दी वारी जी।
13. अपनी भक्ति दे नन्द लाला, अरजां करां गुलजारी जी।
14. इसे मन्दिर विच प्रकट हो जा, रामचन्द्र अवतारी जी।
15. चन्द्र सखी भज बाल मोहन, तेरे चरणां तों मैं वारी जी।