श्री रामायण मन्दिरShri Ramayan Mandir — Bareilly | Vikasnagar

करां मैं आरती सत गुरू दी

आरती
करां मैं आरती सत गुरू दी, करां मैं आरती बाबे दी। 1. हुए यह पूरन संत महान, महिमा गा गये वेद पुराण। करूँ कर जोड़, दोनों हथ जोड़, रमावां भूड़ तेरे दर दी।। करां मैं आरती सत गुरू दी, करां मैं आरती बाबे दी। 2. बनाया ऐसा ग्रंथ महान, हस्ताक्षर कर गये शिव भगवान। खुले किवाड़, हुई जयकार, प्रथम वहीं रामायण ही थी।। करां मैं आरती सत गुरू दी, करां मैं आरती बाबे दी। 3. लगा था इनको प्रेम का बाण, मिले जाकर इनको हनुमान। चित्रकूट के घाट, आए रघुनाथ, छवि को देख सांवरे की।। करां मैं आरती सत गुरू दी, करां मैं आरती बाबे दी। 4. पहरेदार बने भगवान संग थे, लक्ष्मण और हनुमान। भगत के काज आये रघुनाथ, कर रहे रक्षा कुटिया की।। करां मैं आरती सत गुरू दी, करां मैं आरती बाबे दी। 5. कहूँ कहाँ लग उपमा मैं, तेरा यह न भेद पाया मैं। गये सब हार न पाया पार, यह रमजा जाणे तीरथ की।। करां मैं आरती सत गुरू दी, करां मैं आरती बाबे दी। 6. दोनों हाथ जोड़ खड़ा दर ते, जानके दीन दया कर दे। जाऊँ बलिहार, तेरे लखवार, प्यासी अखियाँ दर्शन की।। करां मैं आरती सत गुरू दी, करां मैं आरती बाबे दी।।
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