श्री रामायण मन्दिरमाधवबाड़ी, बरेली · विकासनगर, देहरादून
भजन

आसरा इस जहाँ का मिले न मिले

आसरा इस जहाँ का मिले न मिले,

मुझको तेरा सहारा सदा चाहिए।

चाँद तारे फलक पर दिखे न दिखे, मुझको तेरा नजारा सदा चाहिए।

1. यहाँ खुशियाँ हैं कम और ज्यादा हैं गम, जहाँ देखो वहीं है हरम ही हरम।

मेरी महफिल में शमां जले न जले, मेरे दिल में उजाला तेरा चाहिए।

2. कभी वैराग है कभी अनुराग है, जहाँ बदलते हैं माली वही बाग है।

मेरी चाहत की दुनिया बसे न बसे, मेरे दिल में बसेरा तेरा चाहिए।

3. मेरी धीमी है चाल और पथ है विशाल, हर कदम पर मुसीबत है, अब तो सम्भाल।

पैर मेरे थके यह चले न चले, मुझको तेरा सहारा चाहिए।

आसरा इस जहाँ का मिले न मिले,