श्री रामायण मन्दिरमाधवबाड़ी, बरेली · विकासनगर, देहरादून
भजन

पिला दे ओ साकी, हरि नाम की मस्ती

पिला दे ओ साकी, हरि नाम की मस्ती

हरी नाम की मस्ती दे दे, श्याम नाम की मस्ती दे दे

1. सतगुरु को नजराना दे दूँ, एक बूँद पिला दे; मन ये प्यासा तरस रहा है, जी भर इसे पिला दे

सर देने में जो बूँद मिले एक, तो भी जानूँ सस्ती।

2. रंग की मुझको शर्त नहीं है, कोई भी रंग पिला दे; रोज रोज गर नहीं पिलाना, एक ही बार पिला दे

पीने वाले दाम न पूछें, मंहगी हो या सस्ती।

3. तेरे नाम की पीने वाले दुनिया से नहीं डरते; सर जाए तो जाए बेशक, शिकवा कभी नहीं करते

तेरे हवाले कर दी मोहन, हमने अपनी कश्ती।

4. मैं तेरे दरबार में आया लेकर दिल में आशा; इतनी कृपा कर दो मोहन जाऊँ न मैं प्यासा

बसा रहे तेरा मयखाना उजड़ जाये चाहे बस्ती।

पिला दे ओ साकी......