श्री रामायण मन्दिरमाधवबाड़ी, बरेली · विकासनगर, देहरादून
भजन

राम नाम के हीरे मोती मैं बिखराऊँ गली-गली

राम नाम के हीरे मोती मैं बिखराऊँ गली-गली

लेलो रे कोई राम का प्यारा, शोर मचाऊँ गली-गली

1. माया के दीवानों सुन लो इक दिन ऐसा आयेगा; धन दौलत और माल खजाना यहीं पड़ा रह जायेगा

सुन्दर काया मिट्टी होगी, चर्चा होगी गली-गली; लेलो रे कोई राम का प्यारा

2. क्यों करता तू मेरा मेरी यह तो तेरा मुकाम नहीं; झूठे जग में फंसा हुआ है वह सच्चा इंसान नहीं

जग का मेला दो दिन का है अन्त में होगी चला-चली; लेलो रे कोई राम का प्यारा

3. जिस-जिस ने यहाँ मोती लूटे वह तो मालामाल हुए; धन दौलल के बने पुजारी आखिर वह कंगाल हुए

चाँदी सोने वालों सुन लो बात सुनाऊँ खरी-खरी; लेलो रे कोई राम का प्यारा

4. दुनिया को तू कब तक पागले अपनी कहलायेगा; ईश्वर को तू भूल गया है अन्त समय पछतायेगा

दो दिन का यह चमन खिला है फिर मुरझाये कली-कली

राम नाम के हीरे मोती मैं बिखराऊँ गली-गली