श्री रामायण मन्दिरमाधवबाड़ी, बरेली · विकासनगर, देहरादून
भजन

यह दुनिया मुसाफिर खाना

यह दुनिया मुसाफिर खाना, मत धोखे में आ जाना।

हरि नाम सुधा रस पीना, औरों के लिए भी जीना।

दुखिया का दिल न दुखाना, मत धोखे में आ जाना।

स्वांसा जब बाहर जावे, भीतर आवे न आवे। है किसका कौन ठिकाना, मत धोके में आ जाना।

पढ़ना रामायण गीता, भजना श्री रघुवर सीता। प्रभु प्रेम में अश्रु बहाना, मत धोखे में आ जाना।

कोई ऐसा काम न करना, जिससे हो मन में डरना। राजेश्वर राम रिझाना, मत धोखे में आ जाना।