राम नाम की लूट
लुटि सकै तौ लूटियौ, राम नाम है लूटि।
पीछैं ही पछिताहुगे, यहु तन जैहै छूटि॥
लूटि सकै तौ लूटियौ, राम नाम भंडार।
काल कंठ तै गहैगा, रुंधै दसू दुवार॥
स्रोत: पारम्परिक (संत कबीर) · सार्वजनिक सम्पदा
लुटि सकै तौ लूटियौ, राम नाम है लूटि।
पीछैं ही पछिताहुगे, यहु तन जैहै छूटि॥
लूटि सकै तौ लूटियौ, राम नाम भंडार।
काल कंठ तै गहैगा, रुंधै दसू दुवार॥
स्रोत: पारम्परिक (संत कबीर) · सार्वजनिक सम्पदा