श्री रामायण मन्दिरShri Ramayan Mandir — Bareilly | Vikasnagar

धन बाबा सफाचन्द मैं हर वेले कर्ई याद रामटन्ड तेरी समाधि।

छन्द
धन बाबा सफाचन्द मैं हर वेले कर्ई याद रामटन्ड तेरी समाधि। 01– सब खान भी तुरके आँदे तू ता पूरण फकीर, लोकाई तैनूँ ध्यावे। तू ता है जगत दाता तारे हिन्दू मुसलमान-सब आके शीश नवाँदे। तू ता है पूर्ण फकीर सबदे कर देयो इमदाद। रामटन्ड तेरी समाधि। 02– धन बाबा सफाचन्द जी समाधि तेरी है भारी मेला लागदा है इतवार। माई भाई रल के घरों तुर दे सारे, सब पूजदे बारों बार ए। सब रल के संगत आँदी है अगाध। रामटन्ड तेरी समाधि। 03– सेवक तेरे आके ते परशाद नाल लियावन-रूमाल भी नाल लियां दें। कोई रत्ते ते कोई पीले ते कोई सावे ते कोई चिट्टे होवन समाधि पौवदे। फिर बोलन सब जयकारे तेरे होवे पूरन साधु। रामटन्ड तेरी समाधि। 04– परशाद नूँ इकट्ठा करके फिर भेंट तेरी करदे अरदासां रखदे रोक। माई पाई रल के फिर बेन्ती सारे करदे जितने आये हैं नी लोग। भेंटा तेरी हो गई फिर वरतांदे च परशाद। रामटन्ड तेरी समाधि। 05– बरता के ते परशाद सारे हो जान्दे तैयार मुखतों बोलन जैकार। माई भाई रल के फिर बेन्ती सार करदे मुँह मंगयाँ सो फल पौदे। फिर वापिस घर नूँ जान्दे पाके सब मन दी मुराद रामटन्ड तेरी समाधि।
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