धन बाबा तुलसीदास गड़ी शहर तेरा स्थान, जांवई चरणां तो कुरबान।
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धन बाबा तुलसीदास गड़ी शहर तेरा स्थान, जांवई चरणां तो कुरबान।
धन बाबा तुलसीदास गुरू तेरी महिमा है बेअन्त, किस पाया तेरा अन्त
तू है पूरण फकीर बक्खों नाम दी जागीर, तू सबदा है महन्त
गल विच पाके पल्ला दाता मैं करना तेरा ध्यान; जांवई चरणां तो कुरबान।