तेरे दर्शन नूँ मेरे बाबा जी सब संगत आई होयी आ।
01– सब संगत माई भाई तेरे दर्शन नूँ है आई। गज के जै कार बुलाई, पुल्ली दी बरखा, लाई होयी आ।
02– तू है दीन दखी दा वाली – तेरी शान जहाँ तो निराली।
तू है हिन्द बाग दा माली महिमा तेरी अजब संवाई होयी आ।
03– तू दे दर्शन गुरु मेरे मैं आन खड़ा दर तेरे।
तेरे अगे मेरी नमस्कार, दास ने खुशी मनाई होयी आ।