जिन्हां सिदक गुरां ते रखया उनानें सब कुछ पाया है।
ओ तां रह गये मूरख खाली, जिनौनू समझ ना आया है।
1. धन-धन बाबा तुलसी दास, सेवक आये तेरे पास। पूरी कर दे उनां दी आस जिनाने मन चित लाया है।
2. धन-धन बाबा जी सफाचन्द, तेज गुरां दां सबतों बुलन्द। सेवक आके बोलन छन्द मुखों जैकार बुलाया है।
3. धन-धन बाबा जी सुख चैन, वेखां पाप कटन दिन रैन। मालक सृष्टि दे ओ हैन मन नूँ चैन भी आया है।
4. स्वामी राम तीर्थ सन्यासी, जिनौंने कटी जमा दी फांसी। जेहड़ा सतगुरू दे गुण गासी बेड़ा पार हो जांदा है।
5. गवखड़ सतगुरू दे गुण गा ले, जीवन अपना सफल बणा ले। सतगुरू जी दी सेवा कमाले आस पुजावन आया है।