श्री रामायण मन्दिरमाधवबाड़ी, बरेली · विकासनगर, देहरादून

भाग 7-9

श्री स्वामी रामतीर्थ ग्रन्थावली

भाग 7-9 में सम्मिलित 14 अध्याय। किसी भी अध्याय पर क्लिक कर पढ़ें।

मंगलाचरण

गुरु-स्तुति

उपदेश

वैराग्य

वना1 हाफ़िज़, पढ़े मसले3, सुनाये दूसरों को भी। — वेले टूटा न कुफ़्र2 अपना, अजायब यह मसालत है॥ — तू कर फ़ैसल हिसाब अपना, तुझे औरों से क्या गोविंद4। — न क़िस्सा तूले5 दे इतना, फ़जूल ही यह तवालत6 है॥ — भक्ति ( इश्क़ )

आत्मज्ञान

ज्ञानी

त्याग

निजानन्द

वेदान्त

माया

तीन शरीर और वर्ण

निजी अनुभव

भारत वर्ष