श्री रामायण मन्दिरमाधवबाड़ी, बरेली · विकासनगर, देहरादून
विनय पत्रिका

पद 1

गाइये गनपति जगबंदन। संकर-सुवन भवानी नंदन ॥ 1 ॥

सिद्धि-सदन, गज बदन, बिनायक। कृपा-सिंधु,सुंदर सब-लायक ॥ 2 ॥

मोदक-प्रिय, मुद-मंगल-दाता। बिद्या-बारिधि,बुद्धि बिधाता ॥ 3 ॥

माँगत तुलसिदास कर जोरे। बसहिं रामसिय मानस मोरे ॥ 4 ॥