पद १
श्रीगणेश-स्तुति · पद १ / २७९
गाइये गनपति जगबंदन। संकर-सुवन भवानी नंदन ॥ १ ॥
सिद्धि-सदन, गज बदन, बिनायक। कृपा-सिंधु,सुंदर सब-लायक ॥ २ ॥
मोदक-प्रिय, मुद-मंगल-दाता। बिद्या-बारिधि,बुद्धि बिधाता ॥ ३ ॥
माँगत तुलसिदास कर जोरे। बसहिं रामसिय मानस मोरे ॥ ४ ॥