श्री रामायण मन्दिरमाधवबाड़ी, बरेली · विकासनगर, देहरादून
भजन

आये तेरे द्वार नमस्कार-नमस्कार

आये तेरे द्वार नमस्कार-नमस्कार

सब जग के आधार नमस्कार-नमस्कार

मंगलयी माँ हम आये तेरे द्वार

1. सूरज और चाँद में तेरा ही उजाला है; तूने पहन रखी सितारों की माला है

सब जग के आधार नमस्कार-नमस्कार

2. पर्वतों की चोटियों को बादल हैं चूमते; पृथ्वी, सूर्य, चाँद-सितारे गा रहे हैं घूमते

नियम के अनुसार नमस्कार-नमस्कार

3. कोयल की यह कूह-कूह सबे मन को भा रही; शीतल मन्द पवन तेरा गीत मधुर गा रही

जपत रही सो बार नमस्कार-नमस्कार

4. मानुष तन को देखो कितना सुन्दर बनाया है; मन बुद्धि और इन्द्रियों को इसने सजाया है

अष्टचक्र नौ द्वार नमस्कार-नमस्कार