श्री रामायण मन्दिरShri Ramayan Mandir — Bareilly | Vikasnagar

गुरु वन्दना

स्तुति
बंदउँ गुरू पद पदुम परागा। सुरुचि सुबास सरस अनुरागा।। अमिअ मूरिमय चून चारू। समन सकल भव रूज परिवारू।। सुकृति संभुतन बिमल बिभूती। मंजुल मंगल मोद प्रसूती।। जन मन मंजु मुकुर मल हरनी। किएँ तिलक गुन गन बस करनी।। श्री गुरू पद नख मनि गन जोती। सुमिरत दिव्य दृष्टि हियँ होती।। दलन मोह तम सो सप्रकासू। बड़े भाग उर आवइ जासू।। उघरिहिं विमल विलोचन ही के। मिटहिं दोष दुःख भव रजनी के।। सूझहिं राम चरित मनि मानिका। गुपुत प्रकट जहं जो जेहि खानिका।। दोहा — जथा सुअंजन अंजि दृग साधक सिद्ध सुजान। कौतुक देखत सैल बन भूतल भूरि निधान।।
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