श्री रामायण मन्दिरमाधवबाड़ी, बरेली · विकासनगर, देहरादून
विनय पत्रिका

पद 36

हनुमत-स्तुति · राम गौरी · पद 36 / 279

मंगल-मूरति मारुत-नंदन। सकल-अमंगल-मूल-निकंदन ॥ 1 ॥

पवनतनय संतन हितकारी। ह्रदय बिराजत अवध-बिहारी ॥ 2 ॥

मातु-पिता,गुरु,गनपति,सारद। सिवा समेत संभु,सुक,नारद ॥ 3 ॥

चरन बंदि बिनवौं सब काहू। देहु रामपद-नेह-निबाहू ॥ 4 ॥

बंदौं राम-लखन-बैदेही। जे तुलसीके परम सनेही ॥ 5 ॥