श्री रामायण मन्दिरमाधवबाड़ी, बरेली · विकासनगर, देहरादून
विनय पत्रिका

पद ९९

श्रीराम-स्तुति · पद ९९ / २७९

बिरद गरीबनिवाज रामको ।

गावत बेद-पुरान, संभु-सुक, प्रगट प्रभाउ नामको ॥ १ ॥

ध्रुव,प्रहलाद,बिभीषन,कपिपति,जड,पतंग,पाडंव,सुदामको ।

लोक सुजस परलोक सुगति,इन्हमें को है राम कामको ॥ २ ॥

गनिका, कोल,किरात,आदिकबि इन्हते अधिक बाम को।

बाजिमेध कब कियो अजामिल, गज गायो कब सामको ॥ ३।

छली,मलीन,हीन सब ही अँग, तुलसी सो छीन छामको।

नाम-नरेस-प्रताप प्रबल जग, जुग-जुग चालत चामको ॥ ४ ॥